नवयुवती को जिंदा जलाने के मामले में आरोपी को उम्रकैद…सरदारपुर न्यायालय का सख्त फैसला, 1000 रुपये अर्थदंड भी लगाया।

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मध्यप्रदेश के सरदारपुर न्यायालय ने नवयुवती को केरोसिन डालकर जिंदा जलाने के जघन्य मामले में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश, सरदारपुर जिला धार (म.प्र.) ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।न्यायालय द्वारा आरोपी रविल उर्फ रवि पिता समरिया परमार भील, उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम भीलखेड़ी, तहसील सरदारपुर, जिला धार को धारा 302 भादवि के अंतर्गत दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई गई।*घटना का पूरा विवरण…*अभियोजन अधिकारी बी.एस. बिलवाल ने बताया कि फरियादी सुरज पिता जामसिंह बिलवाल ने थाना सरदारपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 29 नवंबर 2023 को शाम लगभग 6 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी भतीजी कुमारी शिवानी पिता निर्भयसिंह बिलवाल सरदारपुर में जल गई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।सूचना मिलते ही परिजन सरदारपुर अस्पताल पहुंचे, जहां शिवानी गंभीर रूप से झुलसी हुई अवस्था में मिली। प्राथमिक उपचार के बाद उसे धार जिला अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान शिवानी ने अपने परिजनों को आपबीती बताते हुए कहा कि—आरोपी रवि उसे धार से सरदारपुर बदनावर रोड स्थित किराए के कमरे में ले गया, वहां आरोपी ने उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा दी, बाहर से दरवाजा बंद कर मौके से फरार हो गयाशोर मचाने पर मकान मालिक ने दरवाजा खोला और एंबुलेंस बुलाकर उसे अस्पताल पहुंचाया गया।मृत्युपूर्व बयान बना मजबूत आधारशिवानी का मृत्युपूर्व बयान सरकारी अस्पताल धार में तहसीलदार द्वारा दर्ज किया गया। इलाज के दौरान एम.व्हाय अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद थाना सरदारपुर में अपराध पंजीबद्ध कर जांच पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।अदालत ने साक्ष्यों को माना प्रमाणितन्यायालय में विचारण के दौरान राज्य की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजक पिंजु लाल मेड़ा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को न्यायालय ने प्रमाणित माना। समस्त तथ्यों, गवाहों और मृत्युपूर्व कथन के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया।

प्रधान संपादक

नयन लववंशी

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